ज्यादा सोने से कौनसा रोग होता है?HealthPlanet

Posted on Thu 15th Dec 2022 : 17:07

9 घंटे से अधिक सोना भी सेहत के लिए ठीक नहीं, हो सकते हैं गंभीर नुकसान, जानें कारण

अधिक सोने से क्रोनिक डिजीज जैसे हार्ट रोग, डायबिटीज, मोटापा आदि होने की संभावना बढ़ जाती है.

Side Effects of Oversleeping: स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन 7 से 8 घंटे सोना हर किसी के लिए जरूरी है. इससे आप शारीरिक और मानसिक रूप से फिट और हेल्दी रहते हैं. सुबह जब आप भरपूर नींद लेकर जागते हैं, तो सारा दिन अच्छा बीतता है. आप अपना काम फ्रेश मूड और पूरी तरह से ऊर्जावान और एक्टिव होकर कर पाते हैं. आपको थकान, सुस्ती महसूस नहीं होती है. वहीं, बहुत कम या बहुत अधिक सोना यानी 4-5 घंटे सोना या फिर 9 घंटे से भी अधिक सोते रहना सेहत के लिए हानिकारक होता है. बेहद कम सोने या बहुत अधिक सोना कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को जन्म देता है. हम बात करेंगे बहुत अधिक सोने से होने वाले नुकसानों और इसके कारणों के बारे में यहां.

क्यों आती है अत्यधिक नींद
बहुत अधिक सोने के कई कारण होते हैं. जब कोई व्यक्ति रात में नौ घंटे से भी अधिक सोता है, तो यह किसी दवा के सेवन के कारण हो सकता है. किसी मेडिकल, साइकियाट्रिक, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के कारण हो सकता है. यदि ये सभी कारण नहीं हैं, तो ऐसा फिर स्लीप डिसऑर्डर के कारण हो सकता है. ज्यादा सोना भी चिंता का कारण हो सकता है. स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, 24 घंटे की अवधि में कोई व्यक्ति यदि नौ घंटे से भी अधिक सोता है, तो उसे ओवरस्लीपिंग (oversleeping) कहा जाता है. कभी-कभी अत्यधिक थकान, पूरे सप्ताह स्ट्रेसफुल वर्क करने या फिर वीकेंड पर लंबी यात्रा करने के बाद 9 घंटे से अधिक सोना नॉर्मल है, लेकिन ऐसा हर दिन हो, तो यह चिंता का विषय है. यह किसी तरह के स्लीप डिसऑर्डर या फिर मेडिकल कंडीशन की वजह से हो सकता है, जो इस प्रकार हो सकते हैं-
-मोटापा
-डायबिटीज
-रेस्टलेस लेग सिंड्रोम
-क्रोनिक पेन
-स्लीप डिसऑर्डर जैसे स्लीप एप्निया, इन्सोम्निया
-हाइपोथायरॉइडिज्म
-डिप्रेशन या एंग्जायटी
-कार्डियोवैस्कुलर डिजीज


अधिक सोने के लक्षण
रात में नौ घंटे से अधिक सोने के अलावा, ये अन्य लक्षण भी हो सकते हैं ज्यादा सोने के:
-दिन में अत्यधिक झपकी लेना
-दिन में बहुत नींद आना
-सिरदर्द होना

अधिक सोने के नुकसान
-क्रोनिक डिजीज जैसे हार्ट रोग, डायबिटीज, मोटापा आदि होने की संभावना बढ़ जाती है.
-आपको सारा दिन कम एनर्जी और सुस्ती महसूस हो सकती है, जिससे किसी काम को करने में परेशानी आ सकती है.
-थकान अधिक महसूस करने से भी काम सही से नहीं कर सकते हैं.
-तनाव प्रतिक्रिया में परिवर्तन हो सकता है.
-मौत होने की संभावना बढ़ सकती है.
-शरीर में इंफ्लेमेशन की समस्या और भी अधिक बढ़ या खराब हो सकती है.
-9 घंटे से अधिक सोने से प्रतिरक्षा कार्य को भी नुकसान पहुंचता है. इससे आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है.
-क्रोनिक डिजीज होने की संभावना बढ़ सकती है.

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